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सरस्वती विद्या मंदिर लातेहार में "दादा-दादी, नाना-नानी...

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सरस्वती विद्या मंदिर लातेहार में “दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह” का भव्य आयोजन

लातेहार,;– विद्या भारती की योजना के अंतर्गत सरस्वती विद्या मंदिर, लातेहार बाजार में गुरुवार को “दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह” श्रद्धापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम ने पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और बुजुर्गों के प्रति सम्मान को केंद्र में रखते हुए एक भावनात्मक माहौल प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजीव रंजन पांडे,…

सरस्वती विद्या मंदिर लातेहार में "दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह" का भव्य आयोजन
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सरस्वती विद्या मंदिर लातेहार में "दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह" का भव्य आयोजन

लातेहार,;– विद्या भारती की योजना के अंतर्गत सरस्वती विद्या मंदिर, लातेहार बाजार में गुरुवार को “दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह” श्रद्धापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम ने पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और बुजुर्गों के प्रति सम्मान को केंद्र में रखते हुए एक भावनात्मक माहौल प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजीव रंजन पांडे, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघ चालक माननीय अनिल कुमार ठाकुर, पूर्व प्रधानाचार्य अरुण कुमार चौधरी और वर्तमान प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी द्वारा दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण कर किया गया। वरिष्ठ आचार्य ओंकारनाथ सहाय ने मंचासीन अतिथियों का परिचय कराया।

समारोह में छात्र-छात्राओं द्वारा पारंपरिक ढंग से उपस्थित दादा-दादी और नाना-नानी के चरण धोकर, तिलक लगाकर, माला पहनाकर, मिष्ठान खिलाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर उनका सम्मान किया गया। यह दृश्य न केवल विद्यार्थियों के संस्कारों को दर्शाता है, बल्कि भारतीय संस्कृति की जड़ों को भी पुनर्स्थापित करता है।

सरस्वती विद्या मंदिर लातेहार में "दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह" का भव्य आयोजन

प्रधानाचार्य श्री उत्तम कुमार मुखर्जी ने अपने संबोधन में कहा, “केरल जैसे शिक्षित राज्य में भी वृद्धाश्रमों की संख्या सबसे अधिक है। इसका कारण यह है कि हमारी शिक्षा प्रणाली में नैतिक शिक्षा और पारिवारिक मूल्यों की कमी है। हमें शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कार और व्यवहार की नींव भी डालनी होगी।”

वहीं, जिला संघ चालक अनिल कुमार ठाकुर ने कहा, “मैकाले की शिक्षा पद्धति ने समाज और परिवार को विभाजित किया, जबकि विद्या भारती जैसे संस्थान समाज में मानव मूल्यों की पुनर्स्थापना का कार्य कर रहे हैं।”

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मनमोहक गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे उपस्थित सभी बुजुर्ग भावविभोर हो गए। अरुण कक्षा के छात्र अंश राज के दादा श्री मुकेश प्रसाद ने कहा, “बच्चों की प्रस्तुति ने हमें भावनाओं से भर दिया। यह एक अविस्मरणीय अनुभव रहा।” वहीं सुधा अग्रवाल, जो एक छात्र की नानी हैं, ने कहा कि उन्होंने नैतिक शिक्षा को देखते हुए ही अपने नाती का नामांकन इस विद्यालय में कराया।

कार्यक्रम का संचालन रजनी नाग ने किया और धन्यवाद ज्ञापन वाटिका प्रमुख गीता कुमारी ने दिया। इस आयोजन में कुल 100 छात्र-छात्राओं के दादा-दादी और नाना-नानी उपस्थित रहे।

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